:
Breaking News

Bihar News: 17 अगस्त से बिहार के सभी 141 निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस होगी जमीन रजिस्ट्री

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | बिहार में 17 अगस्त तक सभी 141 निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू करने की तैयारी, डिजिटल डीड से लेकर बायोमेट्रिक और डिजिटल सिग्नेचर तक होगी ऑनलाइन प्रक्रिया।

पटना, 12 अगस्त। आलम की खबर: बिहार में जमीन और दूसरी अचल संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने वालों के लिए आने वाले दिनों में प्रक्रिया काफी बदलने वाली है। राज्य सरकार निबंधन व्यवस्था को कागज से डिजिटल सिस्टम की ओर ले जा रही है। विभाग ने राज्य के सभी 141 निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस निबंधन लागू करने का लक्ष्य तय किया है और शेष कार्यालयों में यह व्यवस्था 17 अगस्त तक शुरू करने की तैयारी है।

नई व्यवस्था में डीड तैयार करने से लेकर स्टांप शुल्क भुगतान, बायोमेट्रिक सत्यापन और डिजिटल हस्ताक्षर तक की प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से पूरा करने की व्यवस्था की जा रही है। निबंधन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डिजिटल डीड की प्रति संबंधित व्यक्ति को WhatsApp या ई-मेल के माध्यम से उपलब्ध कराने की योजना है।

इस बदलाव का उद्देश्य निबंधन कार्यालयों में कागजी काम को कम करना, प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना और संपत्ति के निबंधन में पारदर्शिता बढ़ाना है।

51 कार्यालयों में शुरू हो चुकी है नई व्यवस्था

बिहार के 141 निबंधन कार्यालयों में से 51 कार्यालयों में पेपरलेस निबंधन पहले ही शुरू किया जा चुका है। अब बाकी बचे 91 कार्यालयों को भी इस डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी है।

विभाग ने इसके लिए चरणबद्ध तरीके से काम शुरू किया था। 11 जुलाई को पहले चरण में 10 कार्यालयों में पेपरलेस निबंधन की शुरुआत हुई। इसके बाद 30 जुलाई को दूसरे चरण में 40 और कार्यालय इस व्यवस्था में शामिल किए गए।

अब तीसरे चरण में शेष कार्यालयों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग की कोशिश है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी 141 कार्यालयों में यह सुविधा उपलब्ध हो जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई समीक्षा बैठक

मंगलवार को मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की गई। बैठक में विभाग के सचिव नवीन कुमार ने अधिकारियों के साथ पेपरलेस निबंधन की प्रगति की जानकारी ली।

समीक्षा के दौरान उन निबंधन कार्यालयों की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई जहां अभी तक नई व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी है। अधिकारियों को लंबित तैयारियों को तेजी से पूरा करने और निर्धारित समय में डिजिटल निबंधन शुरू कराने पर जोर दिया गया।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ व्यवस्था शुरू करना पर्याप्त नहीं होगा। इसकी लगातार निगरानी और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा भी की जाएगी।

अधिकारियों की निगरानी भी होगी तेज

पेपरलेस निबंधन के साथ राजस्व चोरी और नियमों के उल्लंघन पर नजर रखने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है।

सभी एआईजी को प्रत्येक सप्ताह 10 निबंधन कार्यालयों का स्थल निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। निरीक्षण के बाद संबंधित कार्यालय की स्थिति और प्रगति की रिपोर्ट मुख्यालय को उपलब्ध करानी होगी।

प्रमंडलीय मुख्यालय के अधीन आने वाले निबंधन कार्यालयों में भी नियमित निरीक्षण का कार्यक्रम बनाया गया है। प्रत्येक सप्ताह निर्धारित कार्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा।

इसके अलावा मुख्यालय स्तर पर भी एक टीम गठित कर निबंधन कार्यालयों में औचक निरीक्षण और स्थल निरीक्षण करने की व्यवस्था की जा रही है।

75 साल से अधिक उम्र के लोगों को घर पर सुविधा

नई व्यवस्था में वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी विशेष सुविधा का प्रावधान किया जा रहा है। 75 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को जमीन, प्लॉट और फ्लैट के निबंधन के लिए कार्यालय आने में होने वाली परेशानी को कम करने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया गया है।

ऐसे जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को उनके घर पर ही निबंधन की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया है।

इसके लिए अधिकारियों को जरूरतमंद लोगों की पहचान कर उन्हें सेवा उपलब्ध कराने और निबंधन से जुड़े मामलों का समय पर निपटारा सुनिश्चित करने को कहा गया है।

सेवा प्रदाताओं की भी होगी अहम भूमिका

पेपरलेस निबंधन की प्रक्रिया में लाइसेंस प्राप्त सेवा प्रदाताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। इन सेवा प्रदाताओं का काम आम लोगों को डिजिटल प्रक्रिया समझाने और निबंधन की प्रक्रिया में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने से जुड़ा होगा।

निबंधन कार्यालयों में आने वाले लोगों के लिए बैठने जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था पर भी ध्यान देने को कहा गया है।

सेवा प्रदाताओं के पारिश्रमिक को दस्तावेज के मूल्य से जोड़ा गया है। एक लाख रुपये तक के दस्तावेज पर 1000 रुपये, पांच लाख रुपये तक के दस्तावेज पर 2500 रुपये और पांच लाख रुपये से अधिक मूल्य वाले दस्तावेज पर 5000 रुपये पारिश्रमिक निर्धारित किया गया है।

पेपरलेस व्यवस्था को लेकर भ्रम दूर करने की कोशिश

नई डिजिटल व्यवस्था को लेकर आम लोगों के बीच किसी तरह की आशंका या भ्रम न रहे, इसके लिए भी विभाग ने अधिकारियों और सेवा प्रदाताओं को जिम्मेदारी दी है।

कई लोगों के लिए जमीन रजिस्ट्री से जुड़ी प्रक्रिया पहले से ही जटिल रही है। ऐसे में पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने के बाद लोगों को दस्तावेज, भुगतान, सत्यापन और डिजिटल डीड को लेकर जानकारी देना जरूरी होगा।

विभाग ने निर्देश दिया है कि जिन जिलों में पेपरलेस निबंधन की संख्या अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वहां जिलाधिकारी को पत्र भेजकर प्रक्रिया को गति देने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

सेवा प्रदाताओं को भी नागरिकों के बीच जागरूकता बढ़ाने और पेपरलेस निबंधन से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का निर्देश दिया गया है।

GIS तकनीक से स्थल निरीक्षण

निबंधन व्यवस्था को और तकनीकी बनाने के लिए स्थल निरीक्षण में GIS तकनीक का इस्तेमाल करने की तैयारी है। जिला निबंधन कार्यालयों को इसके लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

GIS आधारित व्यवस्था से संपत्ति से जुड़े स्थल निरीक्षण को अधिक व्यवस्थित और रिकॉर्ड आधारित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इससे निरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और संपत्ति से संबंधित जानकारी को डिजिटल तरीके से व्यवस्थित करने की दिशा में भी मदद मिल सकती है।

अवैध बिक्री और कोर्ट मामलों पर भी नजर

समीक्षा बैठक में सिर्फ पेपरलेस निबंधन की तैयारियों पर ही चर्चा नहीं हुई। अवैध तरीके से संपत्ति की बिक्री पर निगरानी, न्यायालय से संबंधित मामलों के समय पर निपटारे और सेवा प्रदाताओं के लाइसेंस सहित उनके कामकाज की भी समीक्षा की गई।

विभाग ने अधिकारियों को साफ तौर पर कहा है कि डिजिटल निबंधन व्यवस्था को तय समयसीमा के भीतर लागू करने के साथ-साथ इसकी गुणवत्ता और निगरानी पर भी ध्यान दिया जाए।

आम लोगों के लिए क्या बदलेगा?

पेपरलेस निबंधन लागू होने के बाद जमीन या संपत्ति की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों के लिए प्रक्रिया का बड़ा हिस्सा डिजिटल माध्यम से पूरा होगा। डीड तैयार करने, शुल्क भुगतान, बायोमेट्रिक सत्यापन और डिजिटल सिग्नेचर जैसी प्रक्रियाओं में कागज पर निर्भरता कम होगी।

निबंधन पूरा होने के बाद डिजिटल डीड की प्रति WhatsApp या ई-मेल के जरिए मिलने की व्यवस्था भी लोगों के लिए सुविधाजनक हो सकती है।

हालांकि डिजिटल व्यवस्था की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सभी कार्यालयों में तकनीकी व्यवस्था कितनी अच्छी तरह काम करती है और आम लोगों को सेवा प्रदाताओं व कर्मचारियों से कितनी आसानी से सहायता मिलती है।

अगर 17 अगस्त तक सभी 141 कार्यालयों में व्यवस्था लागू हो जाती है, तो बिहार की संपत्ति निबंधन व्यवस्था में यह एक बड़ा डिजिटल बदलाव माना जाएगा। अब निगाह इस बात पर है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर बाकी 91 कार्यालय कितनी तेजी से नई व्यवस्था में शामिल होते हैं।

यह भी पढ़ें

Bihar News: जमीन और संपत्ति से जुड़े काम में डिजिटल व्यवस्था बढ़ाने की तैयारी, लोगों को मिलेंगी नई सुविधाएं

Bihar News: बिहार में जमीन रजिस्ट्री से जुड़े नियमों और ऑनलाइन सेवाओं में लगातार हो रहा बदलाव

संपत्ति रजिस्ट्री का डिजिटल दौर: सुविधा के साथ जवाबदेही भी जरूरी

जमीन की रजिस्ट्री जैसी महत्वपूर्ण सरकारी प्रक्रिया का पेपरलेस होना समय की जरूरत है। इससे कागजी फाइलों पर निर्भरता कम होगी और दस्तावेजों को डिजिटल तरीके से सुरक्षित रखना आसान हो सकता है। डिजिटल डीड WhatsApp या ई-मेल से मिलना आम लोगों के लिए भी सुविधाजनक कदम है।

लेकिन तकनीक को लागू करना और तकनीक को सही तरीके से चलाना दो अलग बातें हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट, तकनीकी जानकारी और डिजिटल प्रक्रिया से अनजान लोगों के लिए सहायता की व्यवस्था मजबूत करनी होगी।

खास तौर पर बुजुर्ग और कम डिजिटल जानकारी रखने वाले लोगों को सेवा प्रदाताओं की मदद आसानी से मिलनी चाहिए। किसी भी डिजिटल व्यवस्था में पारदर्शिता तभी आएगी, जब आम नागरिक को अपनी प्रक्रिया और भुगतान की स्पष्ट जानकारी मिले।

पेपरलेस निबंधन के साथ निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था मजबूत करना भी जरूरी है। GIS आधारित निरीक्षण और औचक जांच इस दिशा में मददगार हो सकते हैं।

बिहार के लिए यह बदलाव सिर्फ कागज कम करने की योजना नहीं है। यह निबंधन व्यवस्था को अधिक डिजिटल, तेज और पारदर्शी बनाने का प्रयास है। इसकी वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि आम आदमी को जमीन रजिस्ट्री कराने में कितनी आसानी होती है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *